मोबाइल नंबर दस अंकों के ही क्यों होते हैं? क्या इसका कोई वैज्ञानिक कारण है?

मोबाइल नंबर दस अंकों के ही क्यों होते हैं? क्या इसका कोई वैज्ञानिक कारण है?



ऐसा मोबाइल/लैंडलाइन उपभोक्ताओं की संख्या में वृध्दि के कारण हुई है, जो 93 से शुरू हो कर 120 करोड़ [1] के आसपास पहुँच गयी है।

मोबाइल नंबर 10 ही अंकों के होने के पीछे का कारण है सरकार की राष्ट्रीय नंबरिंग योजना यानी एनएनपी. मोबाइल नंबर 10 अंकों के होने का एक दूसरा कारण जनसंख्या भी है. मान लीजिए कि अगर मोबाइल नंबर सिर्फ एक अंक का होता तो जीरो से लेकर नौ तक 10 नंबर ही अलग-अलग बन सकते हैं. साथ ही उन 10 नंबरों का इस्तेमाल 10 लोग की कर पाएंगे. वहीं अगर सिर्फ दो नंबर का अंक मोबाइल नंबर हो तो जीरो से लेकर 99 तक सिर्फ 100 नंबर ही बन सकते हैं. जिनका इस्तेमाल सिर्फ 100 लोग की कर सकते हैं.



मोबाइल नंबर दस अंकों के ही क्यों होते हैं?

मोबाइल नंबर 10 ही अंकों के होने के पीछे का कारण है सरकार की राष्ट्रीय नंबरिंग योजना यानी NNP. मोबाइल नंबर 10 अंकों के होने का एक दूसरा कारण जनसंख्या भी है

मान लीजिए कि अगर मोबाइल नंबर सिर्फ एक अंक का होता तो जीरो से लेकर नौ तक 10 नंबर ही अलग-अलग बन सकते हैं. साथ ही उन 10 नंबरों का इस्तेमाल 10 लोग की कर पाएंगे. वहीं अगर सिर्फ दो नंबर का अंक मोबाइल नंबर हो तो जीरो से लेकर 99 तक सिर्फ 100 नंबर ही बन सकते हैं. जिनका इस्तेमाल सिर्फ 100 लोग की कर सकते हैं.

देश में इस समय 130 करोड़ लोगों की आबादी है. इसके मुताबिक अगर नौ नंबर का मोबाइल नंबर हो तो भविष्य में सभी लोगों को मोबाइल नंबर नहीं दिया सकता है. वहीं अगर 10 अंकों का मोबाइल नंबर बनता है तो कैल्कुलेशन के मुताबिक एक हजार करोड़ अलग-अलग नंबर बनाए जा सकते हैं.और बहुत जल्द हमारे फोन नंबर 10 अंक की बजाए 11 अंक का होने वाला है. 

इसके लिए सरकार की ओर से सुझाव आ चुके हैं. इसे जल्द लागू किया जाएगा. टेलिकॉम रेग्युलेटरी ऑफ इंडिया (TRAI) ने देश में 11 अंकों के मोबाइल नंबर को इस्तेमाल करने का प्रस्ताव जारी किया है. TRAI के मुताबिक 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर को 11 अंकों वाले मोबाइल नंबर से बदलने पर देश में ज्यादा नंबर उपलब्ध कराए जा सकते हैं

हमारा मोबाइल नंबर अक्सर 6, 7, 8 या 9 से ही क्यों शुरू होता है?


देखिए ये बहुत रोचक प्रश्न है जिसे बहुत सारे लोगों द्वारा पूछा जाता है इसका उत्तर बहुत छोटा सा है 

तो चलिए शुरू करते है

इंडिया में ट्राई के कुछ रूल हैं जिसके मुताबिक 

0 -std नंबर्स के लिए 

1 - for special government numbers like police and ambulance etc. 

And 2 3 4 and 5 for landline numbers 

इसलिए मोबाइल नंबर्स बाकी के डिजिट 6 7 8 और 9 से शुरू होते हैं। 

उम्मीद है कि आपको उत्तर पसंद आया होगा



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